जया व्रत

जया व्रत

जया व्रत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को रखा जाता है। इस दिन विशेष रूप से जया देवी की पूजा की जाती है। जया व्रत मनुष्य के सभी पापों का नाश करने वाला माना जाता है।

जया व्रत विधि

नारद पुराण के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन व्रती को प्रातः उठकर संभव हो तो नदी में स्नान करना चाहिए। पूजा स्थान को साफ- सुथरा कर के वहां जया देवी की स्थापना करनी चाहिए।

मन को एकाग्र कर के विधिपूर्वक धूप, दीप, गंध, फूल, फल मिठाई आदि से देवी की पूजा करनी चाहिए। इस दिन स्त्री को वस्त्र आभूषणों से अलंकृत होकर ब्राह्मण को भोजन करवा कर उसे क्षमता अनुसार दान देकर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।

जया व्रत फल

मान्यता के अनुसार जया व्रत के दिन नदी में स्नान करने से व्रती के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा इस व्रत के पुण्य से सुख- शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।