जीवन रेखा

जीवन रेखा

जीवन रेखा– हमारे पुराणों से चलती आयी प्रथा के अनुसार हमारे जीवन में हस्त रेखा का बहुत महत्व है जो हमारे हर घटना क्रम का वर्णन करती है,जीवन रेखा हमें आयु व  जीवन से सम्बन्थित जानकारी देती है.

जीवन रेखा कौन सी होती है-

जीवन रेखा का स्थान अंगूठे के आधार से प्रारम्भ होकर हथेली को पार् करते हुए वृत्त के आकार मे कलाई के पास आकर मिलती है, यह बहुत प्रभावशील रेखा है।

जीवन रेखा का सम्बन्ध-

इस रेखा का सम्बन्ध शारीरिक शक्ति को परखने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता व स्वास्थ्य सम्बंधित महत्वपूर्ण बातो की जानकारी का वर्णन करने से होता है,  इस रेखा से ही मनुष्य अपनी आयु और रोगों का पता लगा सकता है।

जीवन रेखा का जीवन में असर-

जीवन रेखा लम्बी व गहरी हो– अगर किसी व्यक्ति की जीवन रेखा लम्बी व गहरी है तो ये व्यक्ति के अच्छे स्वास्थ्य, सहनशक्ति को दर्शाता है।

जीवन रेखा दोहरी व तिहरी हो– अगर जीवन रेखा दोहरी व तिहरी रेखा में दिखाई देती है तो ऐसे व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा से घिरे होते है व उनमे सहनशीलता की अपार क्षमता होती है।

जीवन रेखा टूटी हो– अगर मनुष्य की जीवन रेखा है बहुत जगह टूटी है तो यह जीवन में संघर्ष,अनपेक्षित बदलावों, जीवन में व्यवधान को दर्शाता है था अगर ये जीवन रेखा कलाई वाले भाग में टूटकर आगे बढ़ती है टी इसका मतलब जातक का बचपन कठिनाइयों में गुजरा है।

जीवन रेखा का आभाव हो– अगर हथेली में जीवन रेखा का आभाव हो तो जातक को अपने जीवन में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ओर वो हमेशा चिंतित व चिड़चिड़ा स्वभाव का रहता है।

जीवन रेखा जंजीरनुमा हो– अगर जीवन रेखा जंजीर नुमा होती है तो आप बहुत अस्वस्ध पैदा हूए होते है,आपका स्वास्थ्य में परिवर्तन होते  रहता है।

जीवन रेखा से शाखा ऊपर को हो– अगर व्यक्ति की जीवन रेखा में शाखाएं है तो ऊपर को जाती शाखाएं उपलब्धि व सफलता को व्यक्त करती है।

जीवन रेखा से शाखा नीचे को हो– अगर व्यक्ति की जीवन रेखा में शाखाएं नीचे की ओर जाती शाखा स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील होती है।

जीवन रेखा अंत में दो भागो में विभाजित हो– अगर जीवन रेखा अंत से दो भागो में विभाजित होकर एक चन्द्र पर्वत व दूसरी शुक्र पर्वत पर जाती है तो ऐसे व्यक्ति अपना देश छोड़कर हमेशा के लिए विदेश में बस जाते है।

जीवन रेखा अंत से विभाजित ना हो– अगर जीवन रेखा अंत में विभाजित नहीं होती  है व शुक्र पर्वत(अंगूठे का निचला क्षेत्र) तक जाये तो ऐसे वयक्ति हमेशा के लिए अपने ही देश में बस जाते है

जीवन रेखा अंत गुच्छे जैसा हो– ऐसे व्यक्ति बुढ़ापे में अकेले रहते है क्योकि उनके बच्चे आस-पास नहीं होते कही बाहर रहते है

Write a Comment

Your e-mail address will not be published.
Required fields are marked*


*