करधनी रेखा

करधनी रेखा

करधनी रेखा– रेखाओं का जीवन में बहुत महत्व है जो हमारी परिस्थितिओं व हमारे अच्छे-बुरे समय को व्यक्त करता है, अपने बारे में जानने की उत्सुकता हर किसी को होती है, करधनी रेखा संवेदनशीलता से जुड़ी बातो को प्रदर्शित करती है।

करधनी रेखा कौन सी होती है-

करधनी रेखा का प्रारम्भ छोटी अंगुली और अनामिका के बीच से होकर अंत मध्यमा व तर्जनी पर होता है, यह रेखा अर्धचंद्राकर आकृति रूप में होती है, यह शुक्र का गर्डल भी कहलाता है।

करधनी रेखा का सम्बन्ध-

करधनी रेखा का सम्बन्ध व्यक्ति के संवेदनशीलता व उग्र स्वभाव को दर्शाता है तथा ऐसे व्यक्ति दोहरी मानसिकता वाले होते है।