मांगलिक दोष

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मंगल दोष को कुछ लोग मांगलिक दोष भी कहते हैं। जिन लोगों को मंगल दोष होता है उनकी शादी में बेहद परेशानियां आती हैं। इस दोष के विभिन्न शास्त्रों में मिलने वाले दुष्परिणामों और चेतावनियों की वजह से आम आदमी में इसे लेकर कई भ्रांतियां भी हैं। यहां यह बात विशेष ध्यान देने वाली है कि मांगलिक स्त्री-पुरुष से विवाह होने पर हमेशा परिणाम अशुभ नहीं होते।

कैसे कम करें मांगलिक दोष
कुछेक उपायों से मंगल दोष को कम किया जा सकता है और इन उपायों में व्यर्थ का अधिक धन व्यय करने की भी जरूरत नहीं। शास्त्रों के अनुसार मानयता है कि जन्मकुंडली के यदि मंगल मंगल ग्रह 1, 4, 7, 8 या 12 घर में बैठा हो तो जातक (स्त्री-पुरुष) मंगल दोष से युक्त समझे जाते हैं। कुछ विशेष उपाय निम्न हैं:
* माना जाता है कि अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल दोष है तो उसकी शादी मांगलिक से ही करनी चाहिए।
*ऐसा संभव ना होने पर ‘पीपल′ विवाह, कुंभ विवाह, सालिगराम विवाह तथा मंगल यंत्र का पूजन आदि कराके जातक की शादी अच्छे ग्रह योगों वाले जातक से करा देनी चाहिए।
* हनुमान चालिसा का पाठ और गणेश पूजन तथा मंगल यंत्र की पूजा करनी चाहिए।

कैसे पायें मांगलिक दोष से मुक्ति
कई बार कुण्डली में ग्रहों की स्थिति इस प्रकार होती है जिससे की मांगलिक दोष पूर्णतया नष्ट हो जाता है | ऐसा आवश्यक नहीं कि एक मांगलिक व्यक्ति दुसरे मांगलिक व्यक्ति से हि विहाह करे | कुछ ग्रहों की स्थिति बदलने से मंगलिक दोष प्रवाभहीन हो जाता है और फिर इस दोष का वैवाहिक जीवन पर कोई प्रवाभ नहीं पड़ता | इसलिए यह आवश्यक है कि विवाह से पहले अपनी जन्म कुण्डली किसी विद्वान ज्योतिषी से दिखवाएं | शास्त्री जी ज्योतिषशास्त्र के प्रकाण्ड विद्वान है और आपने मांगलिक दोष पर गहन अध्यन भी किया है | अभी तक शास्त्री जी 250 से भी ज्यादा लोगों की जन्मपत्री में विद्यमान मांगलिक दोष का निवारण कर चुके है | आप श्री भी शास्त्री जी से परामर्श कर मांगलिक दोष से मुक्ति पाकर एक सुखी एवं खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकते है |

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